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वारंवार सर्दी होण्याची कारणे

वारंवार सर्दी होण्याची कारणे, अब मैं उन्हें कैसे बताता की Sunday को ही तो मैं जा रहा हूँ| चूँकि मुझे ये बात छुपानी थी तो मैंने हाँ में सर हिलाया और सीधा हो के उनसे नजरें चुराते हुए लेट गया| बड़की अम्मा: (अपना माथा पीटते हुए) हाय दैय्या! ये छिनाल !!! पूरा घर बर्बाद कर के रहेगी| खेर चिंता मत करो बेटा...ये रसोई उसने नहीं मैंने पकाई है| आराम से खाओ और अपनी भौजी का ध्यान रखना|

रसिका भाभी: हाय राम.... बहुत उस्ताद हो? दरवाजा बंद करके सो रहे हो? डर रहे हो की मैं कल वाली हरकत फिर दोहराऊंगी? चेतन की प्यासी नजरें देख कर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। जब वो दोनों बाइक पर जाने लगे.. तो मैं हमेशा की तरह उन दोनों को सी-ऑफ करने की लिए गेट पर ही थी।

थोड़ी देर के बाद डॉली खाने की ट्रे लेकर आई.. तो उसका चेहरा शर्म से सुर्ख हो रहा था.. लेकिन जैसे ही वो बाहर आई तो चेतन ने उसकी तरफ से अपनी नज़र हटा लीं और अख़बार देखने लगा। वारंवार सर्दी होण्याची कारणे मैं दिल ही दिल में डॉली के कंट्रोल की दाद दे रही थी कि किस क़दर की हिम्मत वाली लड़की है कि एक मर्द के हाथ के स्पर्श पर भी खुद को इतना कंट्रोल कर रही है।

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  1. हालांकि उसे इस बात का इल्म नहीं था कि यह सारा गेम मेरा ही था.. जिस पर वो दोनों बहन-भाई ना चाहते हुए भी आगे बढ़ रहे थे और एक-दूसरे के क़रीब आते जा रहे थे.. बिना यह सोचे समझे कि यह एक गुनाह है.. और गलत बात है।
  2. मैं- तू बैठ, मैं आ रहा हूँ, 10 मिनट में... और इतना बोलते ही काल कट कर दी और उठकर पार्क की तरफ चल दिया। लेकिन जाते हुये कैमरा छुपा गया था कि किसी की नजर ना पड़ जाए इस पे। హైదరాబాద్ సెక్స్
  3. मैं: तो डॉक्टर साहिबा इस बार क्या इलाज सोचा है आपने? (मैंने माहोल को हल्का करने के लिए थोड़ा मजाक किया|) उधर पिताजी के सब्र का बांध टूट रहा था, उन्हें मेरा मायूस चेहरा देख के अत्यधिक क्रोध आ रहा था| उन्होंने माँ से कहा की जल्दी से साडी खरीदो मैं अब इस लड़के का उदास चेहरा नहीं देखना चाहता..
  4. वारंवार सर्दी होण्याची कारणे...मैं अपने कमरे के बाथरूम में आई और दूसरे दरवाजे में से बाहर झाँका.. तो अब यह जगह उनको देखने के लिए ठीक थी.. और इधर से दोनों की हरकतें साफ़ नज़र आ रही थीं। मैं- बाजी की बातों से झुंझला सा गया और बोला- बाजी आप क्यों इतना तंग कर रही हो? सीधी तरह बोलो ना के इस वक़्त मैं चला जाऊँ यहाँ से..
  5. मैंने भी आज पहली बार अपनी ननद को इस हालत में देखा था तो उसके खूबसूरत जिस्म को देख कर मेरे मुँह और चूत में भी पानी आ रहा था। संगीता मेरा इशारा समझ गईं और उन्होंने सुमन के Past के बारे में कोई सवाल नहीं किया बस एक आखरी सवाल पूछा;

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मैं- डॉली यह तुमने क्यों नीचे पहनी हुई है.. यह तो बिल्कुल ही खुली नज़र आ रही है.. और भी ज्यादा सेक्सी लगती है.. उतारो इसे.. पूरी की पूरी ब्रेजियर खुलम्म-खुल्ला अपने भैया को दिखाती फिर रही हो.. क्या छुपा हुआ है इसमें?

अबकी बार मैंने कोई जवाब नहीं दिया और उसका सिर अपने लण्ड की तरफ दबाया तो अंकल समझ गये कि मैं फिर से लण्ड चुसवाना चाह रहा हूँ, तो अंकल ने कहा- यार इसे लिटा दो ताकी दोनों मिलकर मजा कर सकें... मुझे चेतन के प्लान का इल्म हो चुका था। मैं मुस्कुरा दी.. क्योंकि मैं भी आज डॉली को अपने भाई के लंड से चुदवा कर उसका कुँवारापन खत्म करना चाहती थी.. इसलिए मैंने चेतन के साथ सहयोग करने का फ़ैसला कर लिया।

वारंवार सर्दी होण्याची कारणे,उसने बहुत कहा कि वो ड्रेस चेंज करके आएगी.. लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और बोली- जब है ही यह नाईट ड्रेस.. तो रात को ही पहनोगी ना..

आहिस्ता आहिस्ता मैंने अपनी ज़ुबान को उसके होंठों के दरम्यान में धकेल दिया। अब मेरी ज़ुबान उसके होंठों को अन्दर से चाटने लगी और उसकी दाँतों से टकरा रही थी।

डॉली की कुँवारी चूत से निकल रही चूत का रस का क़तरा.. जो कि अपनी गाढ़ेपन की वजह से उस जगह पर जमा हुआ था और आगे नहीं बह रहा था।छोडा छोड़ि हिंदी

माँ: (बीच में बात काटते हुए) बहु ये वहाँ क्या करेगा? तू यहीं रुक और अगर हमें देर हो गई तो नेहा का ध्यान रखिओ| डॉली का हाथ मेरे जिस्म पर से फिसलता हुआ मेरी चूत तक आ गया और मेरे पजामे के ऊपर से ही मेरी चूत को सहलाते हुए बोली।

भाभी: तुम मुझसे मेरी जान माँग लो पर ऐसा नहीं हो सकता की मैं तुम्हें याद ना करूँ.. और याद करुँगी तो मैं अपने आपको रोने से नहीं रोक सकती|

पर भौजी का अपनी बहन को देखते ही मुँह बन गया था| यहाँ तक की दोनों गले मिले तो भौजी ने बड़े उखड़े तरीके से व्यवहार किया|,वारंवार सर्दी होण्याची कारणे मैंने बाजी का हाथ पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और किस करते हुये बोला- अरे जाना वहाँ सिर्फ तुम नहाओगी ही नहीं चुदवाओगी भी... क्या समझी?

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