आदिवासी चुदाई वीडियो

తెలుగు ఆంటీ బీఫ్

తెలుగు ఆంటీ బీఫ్, मैं – यही कि इधर उंगली डालने से बहुत कम दर्द होता है और मज़ा भी बहुत आता है …. और इससे तुम्हारा जो उपर वाला जो छेद है उसको भी खोलने की ज़रूरत नही ….मालंबती के छेद के उपर हाथ रखते हुए कहा मैं बोला थॅंक यू डार्लिंग, काजल को मत बताना कि मैं जाग रहा था, सुषमा बोली कभी कुँवारी लड़की की चूत चाती है ? मेने कहा कि नही .वो बोली चतोगे?

उसने मेरी गली पर असद के ढाबे के सामने ही बाइक रोक दी तो मैने उसको चाय पीने के लिये रोक लिया! वो मेरे रूम पर आ गया! वो कुछ देर लंड को गान्ड पे रगड़ते रहे ऑर थोड़ा और थूक लगा कर मेरी गान्ड पे लंड टीकाया ओर हल्का सा झटका मारा.

फिर माला बोली :- हां मैं पहले तुम्हारा लन्ड पकड़ कर देखूँगी । उसकी जांच करूंगी । उसकी परीक्षा लूंगी और अगर पास हो गया तुम्हारा लन्ड तो मैं तुमको अपना सदस्य बना लूंगी । जब तुम सदस्य बन जाओगे तब मैं तुमको रहस्य बताऊंगी । తెలుగు ఆంటీ బీఫ్ मैं भी फिर जल्दी से नहा धोकर अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने चला गया पर पूरे दिन में अपनी माँ के सेक्सी ख्यालों में खोया रहा और उस दिन ढंग से खेल भी नहीं पाया।

इंग्लिश सेक्सी वीडियो चुदाई वाला

  1. 10 मिनिट तक माँ मुझे चोदती रही और फिर झड़ गयी. अब मैने माँ को लिटाया और जल्दी से उसके चूत मे अपना लंड डाल दिया और उसे घपा घाप घपा घाप चोदने लगा. माँ अपनी गाँड उछाल उछाल के मेरा साथ देने लगी. माँ ने अपने पैर पूरे फैल्ला दिए जिससे की मैं पूरी तरह उसके चूत मे लंड पेल सकूँ.
  2. मैं काफी देर से रुका हुआ था अपने अंदर एक सैलाब लेकर, मुझे लगा कि मैं अब झड़ जाऊँगा तो मैंने आंटी के एक स्तन को मुंह में लिया दूसरे को हाथ में पकड़ा और रफ़्तार तेज कर दी, तेज तेज धक्के मारने लगा। தெறி தமிழ் ஃபுல் மூவி
  3. इतना कह कर मैं चुप हो गया प्रिया ने घड़ी की तरफ देखा और कहने लगी- भाई, अभी तो मम्मी और पारुल को आने में टाइम है। उन्होंने मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देखा और बोले- मैंने केसरी से बात कर ली है, वो लगभग दस बजे तक आएगा… मेरे वापस आने तक तुम केसरी से जी भर कर चुदवा लेना।
  4. తెలుగు ఆంటీ బీఫ్...मैंने बताया कि हेलमेट चाहिए। भाभी ने कहा कि हेलमेट तो कमरे के ऊपर स्टोर में रखा है, चढ़कर उतारना पड़ेगा। भाभी और मैं कमरे में आ गए। मैं एक कुर्सी लेकर आ गया। भाभी ने मुझसे पूछा,तुम रोज़ मुझे छुप-छुप कर क्यों देखते हो? उन्होंने जैसे ही पीछे मुड़ कर देखा तो मुझे देख कर सबसे पहले उन्होने मुझे कस कर चांटा जड़ दिया और कहने लगी- क्या कर रहा था यह? तुझसे शर्म नहीं आती अपनी माँ के साथ ऐसा करते हुए? पर मैं तो मानो सब कुछ भूल ही गया था उस समय। मैं उनके उरोजों से चिपट गया और उन्हें चूसने लगा।
  5. मेरा सब्र का बाँध टूट रहा था… मैं भाभी से बोला- भाभी मुझे कुछ हो रहा और मैं अपने आपे में नहीं हूँ.. प्लीज़ मुझे बताओ मैं क्या करूँ? मेरी इस हरकत से प्रशांत अचानक उछल पड़ा. बड़ी मुस्किल से बबिता अपने आपको गिरने से बचा पाई. डिल्डो अभी भी मेरी कमर से बँधा हुआ था. मेने बबिता के पीछे से वो डिल्डो उसकी गांद मे घुसा दिया. प्रशांत और बबिता थोड़ी देर के लिए रुक गये, जिससे डिल्डो आसानी से बबिता की गंद मे घुस सके.

எக்ஸ் வீடியோ டவுன்லோடிங்

खैर मोबाइल की वजह से मैं धरती पर वापस आ गया और चूंकि यह फ़ोन चाचा का ही था तो मुझे वहाँ से हटना पड़ा।

. और इस बीच मैं बार बार रुक कर उनके स्तनों को चूम लेता था या उनके माथे और होंठों को जिससे उनका जोश बना रहता था। मै समझ गया की मम्मी क्या चाहतो है। मम्मी मेरा मोटा और लंबा तगड़ा लंड देख कर मस्त हो चुकी थी, शायद मम्मी की छूट में खुजली शुरू हो चुकी थी।

తెలుగు ఆంటీ బీఫ్,बहुत आनंद में है पर भूखी है बेचारी. और मेरी चप्पल भी अच्छी लगी पर खा नहीं पाई, है ना बेटी? फिकर मत कर, यहाँ अब इतनी चप्पलें खिलाएँगे तुझे कि तू खा नहीं पाएगी! प्रीतम और प्रदीप बेटे, अब तुम लोग सो लो. मैं तब तक बेहू को सुहाग रात के लिए तैयार कर'ती हूँ प्रीतम बोला.

कहकर रीति के गालों पर धीरे से हाथ लगाया और लौटने लगा, रीति जैसे पिघल गई, वो तैयार ही थी लेकिन उसे अन्दर की झिझक थी, उसने सरजू को आवाज़ दी- सुनो, तुम्हारे ये चने ठण्डे हैं, मुझे गर्म चने दो !

सेठ जी आगे जाके बोले साले तुम लोग कभी नही सुधरोगे मैं 10-15 दिन शहर क्या चला गया तुम लोगो ने गाडियो की देख भाल करनी छोड़ दीसनी देओल की सेक्सी

तीसरे दिन दोपहर लगभग १२ बजे दरवाजे की बेल बजी, मैंने अचंभित होकर दरवाजा खोला तो पड़ोस का लड़का खड़ा था। मैंने सोचा कि कोई सामान लेने आया होगा सो एक तरफ होकर उसे रास्ता दिया, वो अंदर आ गया। ‘चोदते तो पूरे जोश से हैं पर वो तुम्हारे जितने ताक़तवर नहीं हैं, उनका लंड भी तुम्हारे लंड से छोटा है और तुम्हारे लौड़े जैसा मोटा नहीं है.. बहुत जल्दी पानी छोड़ देते हैं और तुरंत सो जाते हैं मगर मैं प्यासी रह जाती हूँ और रात भर जलती हुई बुर में ऊँगली डाले जागती रहती हूँ।’

अब तो प्रिया की और भी हालत और भी ख़राब हो गई थी इसलिए तो वो ‘स्स्स्सीईईईईइ’ करते हुए अपने ही दांतों से अपने होंठ काटने लगी थी।

'और क्या, अब भी खडा नहीं होगा... तीर की तरह तना हुआ है... माल फ़ेंकने को तैयार...' उसकी बातें गर्म थी! मैने दूसरी किताब भी उसको दिखायी, इस वाली में चुदायी थी!,తెలుగు ఆంటీ బీఫ్ मैने कहा – अभी तो मुझे जाना पड़ेगा नही तो सेठ जी को शक हो जाएगा कि मैं यहा पे इतनी देर क्या कर रहा हू….और हां जल्दी ही सुनाउन्गा मैं तुम्हे अगली कहानी….

News