बंसल न्यूज़ आज की ताजा खबर

स्टे ऑन कैप्सूल मराठी

स्टे ऑन कैप्सूल मराठी, ‘तो काका मैं अपना दिल पत्थर के समान कर लूँगी। मैं उसे नष्ट होते नहीं देख सकती। मैं उसके जीवन में एक काली छाया नहीं बनना चाहती।’ मैं उनकी बातें सुनकर सोच रहा था कि यार यहाँ तो कमाई भी हो सकती है, बस अरविन्द और मेहता अंकल चुप रहें.मैं यहाँ बहुत ही मस्ती और फिर कुछ शर्त लगाने की भी योजना बनाने पर विचार करने लगा था, देखता हूँ कितनी सफलता मिलती है.फिलहाल बहुत ही मजा आने वाला था.

मैंने फिर आगे हो झाँका तो सलोनी कमरे के दरवाजे पर खड़ी थी, उसने अपने आप को समेट रखा था पर थी तो वो पूरी नंगी ही… मेहता अंकल- अब मेरे से ये सब क्या… ऐसा क्या है जो मैंने नहीं देखा… यही तो मौका है जब मैं तुम्हारी ख़ूबसूरती को अच्छी तरह से देख सकता हूँ और उसकी जी भरकर तारीफ कर सकता हूँ.

शालिनी ने आईने में देखा की मैं उसकी चुचियों को ज्यादा से ज्यादा देखने की कोशिश कर रहा हूं.... . शालिनी को हल्की सी हँसी आ गई ..... शालिनी भी अब इस खेल का मजा ले रही थी या कुछ और चाहती थी.. और मुझे तड़पाने के लिए उसने जानबूझकर स्टे ऑन कैप्सूल मराठी मधु की छोटी सी बुर के बारे में सोचकर मेरा लण्ड पहले से ही जोश में आ गया था, वैसे भी आज पूरे दिन बेचारा खड़ा रहा था, उसको डिश तो बहुत मिली थीं पर खा नहीं पाया था.मैंने सोच लिया था कि आज इस मधु को तसल्ली के साथ खूब चोदूँगा.

அம்மாவின் முலைப்பால்

  1. सलोनी- नहीं… ईईईइ… पारस… प्लीज ऐसा मत करो, मैं उनके सामने ऐसा नहीं कर सकती। मैं उनसे बहुत प्यार करती हूँ। अहाआ… आ… पारस… हा… हा… ओह… मत करो न… तुम बहुत बदमाश हो गए हो।
  2. तो ज्योति अपने चूतड़ को उच्काने लगी, वो सिसक लेते हुए बोली – उई मां, इतनी खुजली ही रही है चोद ना सतीश। बीएफ सेक्सी छोटी लड़कियों की
  3. विशाल- वैसे अदिति एक बात पूच्छू.......आज हमारी सुहागरात है तो तुम मुझे ऐसा कौन सा तोहफा देना चाहती हो....... तो क्या हुआ दुबारा कर लेना, मै कौनसा कही जा रही हूँ, यही तो हूँ- आपके पास, आपकी बाहों में | जब दिल करे दुबारा ले लेना |
  4. स्टे ऑन कैप्सूल मराठी...अब अंकल ने ब्लाउज को अपने कंधे पर डाला और बड़े अंदाज़ से सलोनी के टॉप के बाकी बचे बटन खोलने लगे… और सलोनी ने भी बिना किसी विरोध के अपना टॉप उतरवा लिया. शालिनी- हूं,, ऐसा कौन है मेरा,,,, तुम्हारे सिवा ,,, जिस पर मैं अपने आप से भी ज्यादा भरोसा कर सकती हूं,,
  5. अब वो भी ध्यान से उन बातों को सुनने लगी, उसके माथे पर हल्की शिकन जरूर थी पर अभी उसने कोई प्रश्न पूछना व्यर्थ समझा, यह उसकी समझदारी थी. मेहता अंकल- अरे नहीं कल पूरी रात पप्पू ने खूब कसरत की है… तभी तो मैं तुम दोनों को इतना प्रेस कर रहा हूँ…

ब्लू पिक्चर सेक्सी दिखाइए

अंकल- अरे नहीं बेटा… तू कहे तो मैं तुझको बिना पेटीकोट के ही साड़ी बांधना सिखा दूँ… पर आजकल साड़ी इतनी पारदर्शी हो गई हैं कि सब कुछ दिखेगा…

और फिर मैंने बियर का एक केन खोला और हम दोनों एक ही केन से पीने लग गये। मैने सिगरेट जलाकर उसको केन थामया और दूसरा केन खोलने लग गया। अब दोनों बियर पीते हुए मस्त थे तो ज्योति दीदी मुझे सिगरेट पीने को दी और वो मेरे लंड को थामकर हिलाने लग गयी। शालिनी दूसरी बार शहर आयी थी और रास्ते में वो काफी चीजों के बारे मे पूछती रही और मैं बताता रहा, बातें करते करते हम लोग शापिंग माल पहुंच गए, बाइक पार्क करके हम दोनों अंदर आ गए,, अंदर एअर कंडीशन होने से थोड़ा गर्मी से राहत मिली।

स्टे ऑन कैप्सूल मराठी,प्रणव- अरे क्या कहूँ हम दोनों यहीं आ रहे थे… कि रुचिका के मॉम-डैड का फ़ोन आ गया… वो कहीं जा रहे थे… मगर कुछ इमर्जेन्सी हो गई… तो अभी आधे घंटे बाद उनका प्लेन यहीं आ रहा है… हम दोनों उनको ही लेने जा रहे हैं… सॉरी यार फिर कभी जरूर आएंगे…

मैं- ओह... कम आन बेबी, इसमें ऐसा क्या था जो माम को ठीक नहीं लगेगा,,, इतना सब नार्मल है ,,, चलो तुम कहती हो तो नहीं बताऊंगा,,, अच्छा मेरी प्यारी बहना और क्या-क्या छुपाना है माम से.... हंसते हुए

मैं- तुम्हारे ये पैर भी बहुत ही प्यारे हैं और ये गोरी-गोरी जांघें भी… तुम्हारी कमर के नीचे ये पीछे का पार्ट भी बहुत आकर्षक है,,,सेक्सी बूब्स मॉडल्स एप्स

ज्योति की शादी उसको कुछ खास परेशान नहीं करती, आखिर हर लड़की का ये एक सपना होता है। और २२-२३ साल की लड़की के लिए अपनी जवानी को संभालना काफी कठिन भी होता है और वो भी बिना किसी बॉयफ्रेंड के। मैंने भी उससे ज्यादा कुछ नहीं कहा- ठीक है डियर, फिर तुम खुदाई करवाओ… मैं बाद में चैक कर लूँगा कि सही से हुई है या नहीं…

और अब रोज़ी तुरंत केबिन से बाहर निकल गई !मगर हाँ केबिन का दरवाजा बंद करते हुए उसके चेहरे की मुस्कुराहट उसकी ख़ुशी को दर्शा रही थी.

नीलम- तू ना बहनजी ही बने रहना,,, हां मैंने कई बार गौर किया है कि विकास भैय्या भी मौका मिलने पर मेरे शरीर को देखते हैं,,,अब है तो वो भी आखिर मरद ही ना ,,,,, मैं भी दिखा देती हूं जानबूझकर कभी कभी अपनी चूचियों की झलक,, बेचारे झेंप जाते हैं पकड़े जाने पर,,,,स्टे ऑन कैप्सूल मराठी मै भी जनता था कि जो होना था वो तो हो ही चूका है और अब उस बात को सोच कर कुछ हासिल नहीं होगा इसलिए जो आन्नद आज मिला है उसे याद करना चाहिए न कि जो गलत हो गया उसे |मैंने अमृता को आखिरी लिप्स तो लिप्स किया और उसके ऊपर से उतर कर उसके बराबर में लेट गया |

News