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मुंबई व्हिडिओ सेक्सी, मैनें ऐसा ही किया,मेरे नितंब ऊँचे उठ गये तो मेरे पति नें मेरे भाई को मेरे पीछे खड़ा करके उसके लिंग मुंड पर अपना ढेर सा थूक लगा कर उसे मेरे नितंबों के बीच जहां मेरी गुदा (गांड) थी वहाँ टिकाया और मेरे भाई से कहा-धक्का मारो साले साब....लेकिन धीरे धीरे, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या बात करूं अपने जीजू के साथ.. मैं चुप हो गया और घड़ी की तरफ देखने लगा.. 7:30 हो चुके थे.. सारे मजदूर कमरे से बाहर निकलने लगे , शायद उनका काम पूरा हो चुका था...

मैंने अपने हाथ छुड़ाने का भरसक प्रयास किए ताकि अपनी इज्जत को फिर से ढक सकू पर उसने मुझे इजाजत नहीं दी। कुछ लोग डांस देखने में मग्न थे तो ओर कुछ बैठे बातें कर रहे थे तो कुछ मेहंदी लगवा रहे थे। मौसी ने मेरा परिचय करवाया। मैं ज्यादा किसी को अच्छे से जानती नहीं थी तो फिर अकेले एक कुर्सी पर जाकर बैठ गयी और डांस देखने लगी।

तरुण ने मौक़ा देखते ही बोला, हाँ भाभी कसरत तो करता हूँ। भाभी, एक प्राइवेट बात कहता हूँ। सिर्फ मेरी बाजू ही नहीं, मेरा और भी सब कुछ सख्त, फौलादी, लंबा और फुला हुआ मोटा है। मुंबई व्हिडिओ सेक्सी हाय रे जालिम... फट गई मेरी... थोड़ा धीरे धीरे कीजिए ना... सैंया जी.... मां मर गई रे...आईईईई उउउउउउउ... मेरी दीदी तो लगभग रोने लगी थी... पर फिर भी अपनी गांड उठा उठा कर दे रही थी..

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  1. पति भी अब जोर जोर से सिसकिया निकालने लगे और मेरी चूंचिया छोड़ मेरी कमर पर हाथ रख एक बार फिर मुझे ऊपर नीचे करने लगा। थोड़ी ही देर में उन्होंने जोर की चीख निकाली और उनका सारा गरम पानी मेरी गांड में छूट गया।
  2. दीदी बहुत कामुक आवाज़ें निकाल रही थी.. आआअहह ! भागी नहीं जा रही मैं.. आराम से करो मेरी.. उफफ्फ़… म्‍म्म्मम.. गुळवेल काढा कसा बनवायचा
  3. | अब आँखों के सामने मीना का रूप रंग हुष्ण हमेशा ..नाचता रहता और रह-रहकर मेरा कुआरा सिंगनल अप हो-हो कर मुझे व्याह से पहले व्याह का आनंद लेने की विवश करता ।। इस दौरान हम दोनों के बीच संवाद जारी रहा। मैं उसका नाम ले उकसा रही थी और वो मुझे पूछता जा रहा था इतना जोर से ठीक हैं या ओर जोर से मारु। मैं उसको बोलती ओर जोर से, तो वो जोश में आकर ओर तेज झटके मारता।
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मैनें चाय पांच मिनट में ही बना ली, चाय लेकर मैं वापस ड्राइंग रूम पहुंची तो देखा की जतिन तपते चेहरे से मैगजीन को पढ़ रहा है, मेरी आहट पाते ही उसने मैगजीन टेबल पर उलट कर रख दी,

हम यूं ही झड़ते हुए एक दूजे की बांहों में कुछ देर समाये रहे. उसकी चूत संकुचन कर कर के मेरे लंड से वीर्य निचोड़ने लगी. कितना सुखद अनुभव होता है ये जब चूत की मांसपेशियां लंड को जकड़ती और रिलीज करती हैं. ऐसा लगता है जैसे चूत लंड को दुह रही हो. मेरी बात सुनकर दीपा चौंक गयी और बोली, क्या कहते हो? पर खैर मुझे क्या? मैंने जिंदगी में बड़े बड़े फ़्लर्ट देखें हैं और उनको चित्त किया है। मुझे उससे मिल ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह तो तुम्हारा दोस्त है इस लिए मैं उससे बातें कर रही थी, वरना मुझे क्या? वैसे मुझे भी वह फ़्लर्ट ही लगा।

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दीपा ने कहा, दीपक गलती करके भी मुझसे किसी गैर मर्द से चुदवाने की उम्मीद मत रखना। पर वाकई में एक पति का ऐसा कहना यह एक पत्नी के लिए बहुत बड़ी बात है।

पर जुनैद माना नहीं उनकी एक भी बात.. वह झुकाता गया और मेरी दीदी झुकती गई... अपना एक चौथाई लौड़ा उसने मेरी दीदी के मुंह में डाल दिया.. मेरी दीदी चूसने लगी...सुरुवातीच्या राष्ट्रवादी

Ye to mai bhi nahi janta tha ki, chhoti maa se ek thappad khana mujhe itna bhari padega ki, uski goonj mujhe subah se lekar raat tak sunayi degi. Aaj mai jitna pita tha, utna to jindagi me kabhi bhi nahi pita tha. दीपा तरुण की इस हरकत से भौंचक्की सी रह गयी और कुछ बोल नहीं पायी। वह प्लेटफार्म पर तो चढ़ गयी पर लड़खड़ाने लगी। डिब्बा भारी था। तरुण ने कस कर दीपा के पाँव पकडे और कहा, दीपा भाभी संभल कर। गिरना मत।

चार पाँच मिनट बाद वह पीछे सरकी और हाथ से लण्ड को बुर के छेद पर जमा हैवी चूतड़ को जो दावी तो आनंद से भर - बदन को कड़ा कर आँखें

मेरी बात सुनकर दीपा एकदम भड़क उठी। उसने मेरी तरफ देखा और बोली, यह क्या है? तुम ऐसे गंदे शब्द क्यों बोल रहे हो?,मुंबई व्हिडिओ सेक्सी शायद उसको यह बहुत पसंद आया था। आता भी क्यों नहीं, उसकी डिज़ाइन और रंग ही इतना कामुक था किसी को भी ललचाने के लिए। उसे वो इतना पसंद आया कि उसे खोलने की कोशिश भी नहीं की।

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