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बाप बेटी की चूदाई

बाप बेटी की चूदाई, धत्त तेरी की,मैने कितनी बड़ी ग़लती कर दी , सुलभ यार ! एक और बार मुझे बुला ,अबकी बार मैं उड़ कर आउन्गा... हे कबीरा...तेरे इस जगत मे हज़ारो पापी...एक निर्दोष मैं अकेला...मेरी रक्षा करना इन दुष्ट पापियों से...बोलकर अरुण अपने खातिर पर कूड़ा और मोबाइल निकालकर फ़ेसबुक मे अपनी विदेशी गर्ल फ्रेंड से चाटिंग करने लगा.....

अबे किधर मर गया...मेरे कंधो को ज़ोर से हिलाते हुए अरुण ने मुझसे दोबारा पुछा...जिसके लिए मैने तुरंत ना कर दी और प्लान ये बना कि मौका देखते ही अरुण और भू गर्ल'स हॉस्टिल मे जाएँगे और मैं यहीं रूम मे पड़ा-पड़ा मक्खिया मारूँगा..... अब आगे क्या बोलू...सब तो बोल दिया ,अब तुम बोलो गुस्से से मेरे हाथ मे अपने नाख़ून गढ़ा कर निशा ने कहा...

लवडा बहुत खुश नज़र आ रहा है, यही बढ़िया मौका है कि इसके सामने अपनी ग़लती स्वीकार कर लूँ...मैने मन मे सोचा... बाप बेटी की चूदाई तुम लोडू, मरने के बाद नरक मे ही जाओगे और यदि नरक जाने से बचना चाहते हो तो बाबा अरुण के साथ योगा का अभ्यास करो.बाबा अरुण तुम्हारे सारे पापों को ,जो तुमने अब तक किए है...उन्हे माफ़ कर देंगे और तुम्हे अपनी शरण मे लेकर तुम्हारी रोज गान्ड मारेंगे...आओ बालक अरमान...बाबा अरुण के लंड को प्रणाम करो...

फ्री फायर किस देश का गेम है

  1. पूरा ऑडिटोरियम खाली है ,कही भी बैठ जा,कौन रोक रहा है...लेकिन यहाँ मेरे पास नही...मैने बिना कुच्छ सोचे, बिना कोई पल गँवाए एश को देखते ही कह मारा...
  2. उस दिन सीसी की लॅब मे विभा मुझसे कुच्छ बात करना चाहती थी...लेकिन वहाँ बहुत से लड़को के होने के कारण वो चुप ही रही.... ಫುಲ್ ಸೆಕ್ಸ್ ಕನ್ನಡ
  3. मुझे किसने बताया वो छोड़ और यदि वो कल कॉलेज के पीछे वाले गेट के पास दिखे तो हल्का मज़ाक नही थोड़ा ज़्यादा कर लेना.... तू आज कॉलेज नही जाएगा क्या...कॉलेज के लिए तैयार होते हुए मैने अरुण से पुच्छा, अरुण हाइट मे मेरे जितना ही था, लेकिन उसका रंग कुछ सावला था....
  4. बाप बेटी की चूदाई...देख...कैसे चिपकी रहती है एश ,गौतम से...मेरी बात मान अभी वक़्त है, उसको छोड़ और दूसरी ढूँढ...फर्स्ट एअर मे इस बार धांसु माल आई है... बेटा,टॉपिक एंड नही हुआ है..अभी हमने जो एक्शन किया है उसका अकॉरडिंग तो न्यूटन'स थर्ड लॉ हमारे एक्शन के बदले उसके बराबर एक रिएक्शन तो आएगा ही और वो भी ऑपोसिट डाइरेक्षन मे...बोले तो तलवार अब हमारे गर्दन के उपर लटकने वाली है...जिस टवल से सौरभ अपना चेहरा सॉफ कर रहा था उसे मेरे फेस पर फेक्ते हुए कहा
  5. वैसे एश का मुझे बर्तडे पार्टी के लिए इन्वाइट करना ,वो भी तब जब मेरे सारे दुश्मन वहाँ मौज़ूद हो...ये मुझे दोगलापन लगा लेकिन फिर सोचा हटाओ यार...कौन सा फला कश्मीर मुद्दा है जो वो इतने ख़तरनाक षड्यंत्र बनाएगी...भावनाओ मे बह गयी होगी, मेरी एसा...अभी फिलहाल तो आंकरिंग मे कॉन्सेंट्रेट करते है... जानू, आप चिंता क्यों करते हैं? दीदी हैं मेरी। आज एक काम करिए, आप बाहर घूम आइए। प्लीज! आज अभी यहाँ मत रहिए। मैं दीदी से बात करती हूँ। ओके?

xxx பானுப்பிரியா

तो उनमे से सबकी आइडी खोल और एक कॉलेज का नाम बताता हूँ वो देख...निशा के कॉलेज का नाम बताते हुए मैने कहा और रिज़ल्ट मे हमे दो विश्वकर्मा मिले....

चल बे ,दूसरे कॉलेज की लड़कियो को ताड़ कर आते है...अपने कॅंप के अंदर समान रखने के बाद मैने अपने दोस्तो से कहा... जी ओके ओके! मुझे भी आपको कुछ बाते बतानी हैं.. आप जल्दी से आ जाइए इतना कह हर उन्होंने फ़ोन कॉल विच्छेद कर दिया।

बाप बेटी की चूदाई,टाइम कितना हुआ है...आँखे मलते हुए मैं उठकर बैठ गया, और घड़ी पर नज़र दौड़ाई, सुबह के 8 बज रहे थे....भारी मन से मैने बिस्तर छोड़ा और बाथरूम मे घुस गया....

मैं आगे भी बहुत कुछ सोचता यदि गौतम के मोबाइल की रिंग ना बजी होती, जनरली कॉलेज मे सभी अपना मोबाइल साइलेंट ही रखते थे,लेकिन उस उल्लू ने ऐसा नही किया हुआ था...उसने कॉल रिसीव की और फिर एश की तरफ इशारा करते हुए बोला कि उसे जाना पड़ेगा.......

उसने एक उचाट सी नज़र भर डाली और कहा, नहीं! क्या साब! सवेरे सवेरे आ गए यह सब करने! देखते नहीं – हम कितना बिजी हैं..பெண்களின் மார்பகம் பற்றி

आप भले मेरी बात को मज़ाक मानिए, लेकिन मैंने यह सब कहना अपना फ़र्ज़ समझा.. आगे इनका खूब ख़याल रखिएगा.. यू शुडन्ट भी अलाइव! ऐसे ही बात करते हुए मुझे एक बंगलेनुमा होटल दिखा। मुझे अचानक ही पुरानी बातें याद हो आईं – शादी के बाद जब मैं रश्मि को विदा कर के ला रहा था तो हम इसी होटल में रुके थे। मैंने ड्राईवर को उसी होटल के प्रांगण में पार्क करने को कहा, और उसको कहा की आज हम यहीं पर रुकेंगे।

फिर तो रहने दो, जब मैं उस तीसरे को जानती नही तो उसके बारे मे बात करके क्या फ़ायदा....तुम ये बताओ कि अरुण और सौरभ तुम्हारे बेस्ट फ्रेंड क्यूँ है...

अगले दिन एक घंटे के सफ़र के बाद हम गौचर के इलाके में पहुंचे। मेरी उत्तराँचल यात्रा के समय में मैं यहाँ से हो कर गुजरा था। पुरानी बातें वापस याद आ गईं। एक वो समय था, जब मैंने रश्मि को पहली बार देखा था.. और एक आज का समय है, मैं रश्मि को ढूँढने निकला हूँ।,बाप बेटी की चूदाई दीपिका मॅम 2 बीएचके के एक फ्लॅट पर रहती थी,जो कि उन्होने किराए से लिया हुआ था...और इस वक़्त मैं उन्ही के किराए के फ्लॅट पर एक सोफे पर अपनी तशरीफ़ डाल कर बोला...

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